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SWATANTRATA DIVAS KAVITA in Hindi, Independence Day Poems

 

 जहाँ हर चीज है प्यारी
सभी चाहत के पुजारी
प्यारी जिसकी ज़बां
वही है मेरा हिन्दुस्तां

जहाँ ग़ालिब की ग़ज़ल है
वो प्यारा ताज महल है
प्यार का एक निशां
वही है मेरा हिन्दुस्तां

 

जहाँ फूलों का बिस्तर है

जहाँ अम्बर की चादर है
नजर तक फैला सागर है
सुहाना हर इक मंजर है
वो झरने और हवाएँ,
सभी मिल जुल कर गायें
प्यार का गीत जहां
वही है मेरा हिन्दुस्तां

जहां सूरज की थाली है
जहां चंदा की प्याली है
फिजा भी क्या दिलवाली है
कभी होली तो दिवाली है
वो बिंदिया चुनरी पायल
वो साडी मेहंदी काजल
रंगीला है समां
वही है मेरा हिन्दुस्तां

कही पे नदियाँ बलखाएं
कहीं पे पंछी इतरायें
बसंती झूले लहराएं
जहां अन्गिन्त हैं भाषाएं
सुबह जैसे ही चमकी
बजी मंदिर में घंटी
और मस्जिद में अजां
वही है मेरा हिन्दुस्तां

कहीं गलियों में भंगड़ा है
कही ठेले में रगडा है
हजारों किस्में आमों की
ये चौसा तो वो लंगडा है
लो फिर दिवस स्वतंत्र आया
तिरंगा सबने लहराया
लेकर फिरे यहाँ - वहां
वहीँ है मेरा हिन्दुस्तां 

 

 

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Discussion started by Gaurav , on 227 days ago
Replies
Gaurav
छोटी सी सशस्त्र सेना ले ,
टूट पड़ी रानी झाँसी I
अंग्रेजों को खूब छकाया ,
खूब लड़ी रानी झाँसी I

सन अट्ठारह सौ सत्तावन ,
ज्वाला विद्रोही जाग गई I
अपनी झाँसी कभी न दूंगी ,
गोरी सेना सुन कांप गई I

मेरठ झाँसी कानपुर में ,
चमकी तलवारें वीरों की I
भाले बरछे चमक उठे ,
तन उठीं कमानें तीरों की I

स्वतंत्रता सेनानी अपनी जान ,
देश पर लुटा गए I
दे दी आजादी हम सबको ,
अपना सब कुछ मिटा गए I

सेनानी वीरों के वंशज ,
पूँजी हैं इस देश की I
मान इन्हें दे क़द्र करें हम,
छोटी सी सशस्त्र सेना ले ,
टूट पड़ी रानी झाँसी I
अंग्रेजों को खूब छकाया ,
खूब लड़ी रानी झाँसी I

सन अट्ठारह सौ सत्तावन ,
ज्वाला विद्रोही जाग गई I
अपनी झाँसी कभी न दूंगी ,
गोरी सेना सुन कांप गई I

मेरठ झाँसी कानपुर में ,
चमकी तलवारें वीरों की I
भाले बरछे चमक उठे ,
तन उठीं कमानें तीरों की I

स्वतंत्रता सेनानी अपनी जान ,
देश पर लुटा गए I
दे दी आजादी हम सबको ,
अपना सब कुछ मिटा गए I

सेनानी वीरों के वंशज ,
पूँजी हैं इस देश की I
मान इन्हें दे क़द्र करें हम,
उनके पावन सन्देश की
226 days ago
 
Gaurav
Jiski gaurav garima par hai,
bachche-bachche ko abhimaan.

Ganga Yamuna Brahmputra hain,
gaati jiske jai ke gaan,

Satya-ahinsa tatha prem ki,
Geeta tatha Ved ka gyaan.

jai-jai Bharat desh mahaan,
jai-jai Bharat desh mahaan,

Ram-Krishan Gautam Gandhi se,
Jis paawan dharti par aate.

Dya-Vivekanand sadrish hain,
satya dharm ka paath parhaate.

Himgiri jiska swarn mukut hai,
Hind Mahasaagar hai jiska maan.

jai-jai Bharat desh mahaan,
jai-jai Bharat desh mahaan,

Punah banega guru vishav ka,
de maanavta ka sandesh.

Jiski sanskriti aabha se hai,
mahamandit yeh Bharat desh.

jai jawan aur jai kisaan,
jai vigyaan aur jai bhagwaan

jai-jai Bharat desh mahaan,
jai-jai Bharat desh mahaan,
227 days ago
 
Gaurav

प्यारा प्यारा मेरा देश,
सजा-संवरा मेरा देश,
दुनिया जिस पर गर्व करे
नयन-सितारा मेरा देश.

चांदी-सोना मेरा देश,
सफल-सलोना मेरा देश,
सूरज जैसा आलौकित,
सुख का कोना मेरा देश.

फूलों वाला मेरा देश,
झूलों वाला मेरा देश,
गंगा-यमुना की माला का,
फूलों वाला मेरा देश.

आगे जाए मेरा देश,
नित नया मुस्काए मेरा देश.
इतहासों में बढ़-चढ़ कर
नाम लिखाए मेरा देश
227 days ago
 
Gaurav

आया पावन पंद्रह अगस्त
घूम रहें सब मस्त-मस्त.

बच्चे भी झंडा लिए हाथ में,
स्कूल जेया रहें साथ साथ,
हर युवा, वृढ है बोल रहा,
छोड़ो विवाद, सब जात पात.

हिंदू-मुस्लिम और ईसाई,
और सभी ही सिख भाई,
माँसबकी एक भारती है,
सबके ही लिए है सुखदायी.

सब मिल सीमा पर करो अगस्त,
आया पावन पंद्रह अगस्त

यह भगत सिंग की क़ुर्बानी,
आज़ाद, सुभाष से बलिदानी,
अंग्रेज शासन काँप उठा,
देखा जब बिस्मिल का पानी,
गरजे असफाक ज्यों स्वाती-हस्त,
आया पावन पंद्रह अगस्त

जागो अब देश के वियर, प्रहार,
फहरे ये तिरंगा फेहार-फेहार,
भावना राष्ट की जागृत हो,
हर बच्चा-बच्चा, गाओं-शहर,
दुश्मा ‘अचूक’ हो जाए ध्वस्त,
आया पावन पंद्रह अगस्त.
227 days ago
 
Gaurav
Pyara pyara mera desh,
sajaa-sanwaara mera desh,
duniya jis par garv kare–
nayan sitaara mera desh.
chaandi-sona mera desh,
safal salona mera desh,
sural jaisa aalokit–
sukh ka kona mera desh.
phoolon waala mera desh,
jhoolon waala mera desh,
Ganga-Yamuna ki maala ka,
phoolon waala mera desh.
aage jaaye mera desh,
nit naye muskaaye mera desh.
itihaason mein barh-charh kar–
naam likhaaye mera desh
227 days ago
 
Gaurav
Bharat maa ke amar saputon,
path par aage badhate jaana.
parwat nadiyaan aur samandar,
hans kar paaya sabhi kar jaana.

tumame Himgiri ki unchaayi,
saagar jaisi geharaayi hai.
leharon ki masti hai tum mein,
suraj jaisi tarunaayi hai.

Bhagat Singh, Rana Pratap ka,
Behata rakt tumhaare tan mein,
Gautam, Gandhi, Mahaveer sa,
rehata satya tumhaare man mein.

sankat aaya jab dharti par,
tumane bhishan sangraam kiya.
maar bhagaaya dushman ko fir,
jag mein apana naam kiya.

aane waale naye vishav mein,
tum bhi kuchh kar ke dikhlaana.
Bharat ke unnat lalaat ko,
jag mein unchaa aur uthaana.
227 days ago
 
Gaurav
हमारा वतन - भारत

हमको प्यारा है भारत, हमारा वतन
सारी दुनियां का सबसे सुहाना चमन।
हम है पंछी, ये गुलषन यहॉ बैठ मन
चैन पाता, सजाता नये नित सपन ।।
इसकी माटी में खुषबू है, एक आब है
जैसा कष्मीर दो-आब, पंजाब है।
सारी धरती उगलती है सोना रतन
सब भरे खेत-खलिहान, मैदान वन।।
आदमी में मोहब्बल है, इन्साफ है
खुली बातें है, जजबा है, दिल साफ है।
मन हिमालय से ऊंचा, जो छूता गगन
चाहते दिल से सब अंजुमन में अमन।।
पंछियों की भले हों कई टोलियॉं
रूप रंग मिलते-जुलते है औं बोलियॉं
फितरतों में फरक फिर भी है एक मन
सबको प्यारा है खुद से भी ज्यादा चमन।।
क्यारियॉं भी यहॉं है कई रंग की
जिनमें किसमें है फूलों के हर रंग की
एकता ममता समता की ले पर चलन
सबमें बहता मलय का सुगंधित पवन।।
इसकी तहजीब का कोई सानी नहीं
जो पुरानी है फिर भी पुरानी नहीं
मुबारिक यहॉं का ईद-होली मिलन
इसकी शोभा यही है ये गंगोजमन।।
504 days ago
 
Gaurav
करेंगे एक और संघर्ष
आओ करें संकल्प
इस स्वाधीनता दिवस पर,
करेंगे एक और संघर्ष
पाने को स्वतंत्रता
भ्रष्टाचार से
जिसने
जगह बनाई है
स्कूल से लेकर
संसद तक में
अधिकारी शिकायतकर्ता
का ही करते हैं उत्पीड़न
दौलत जुटाते हैं
करके पड़पीड़न
केवल काम नहीं चलेगा
झण्डा फहराने से
कब तक काम कराते
रहोगे नजराने से
जिस स्वतंत्रता की खातिर
दिए थे प्राण जांबाजों ने
आज उसी देश को लूट लिया
झूठ को कला समझने वाले कलाबाजों ने
आओ हम हाथ मिलायें,
अनुशासन की जंजीरों को भी चटकायें
भ्रष्ट अधिकारी हो या नेता,
या फिर उनका हो प्रणेता,
कानून तो उनकी मुठ्ठी में है,
सच्चा कानून तो जन-हित है,
जिसकी खातिर तोड़कर
सारी जंजीरे
आओ उनको मजा चखाये
स्वाधीनता को बचाना है तो
भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम चलायें
उन्होंने स्वतंत्रता की वेदी पर
किये थे प्राण निछावर
अपने स्वार्थों को छोड़
कोई भी मूल्य चुकाने को
होना होगा तैयार
तभी हम स्वतंत्रता के होंगे
सच्चे हकदार
अन्यथा यह नाटक है बेकार
आओ करें संकल्प
इस स्वाधीनता दिवस पर,
करेंगे एक और संघर्ष
पाने को स्वतंत्रता
भ्रष्टाचार से।
504 days ago
 
Gaurav
मेरा यह मानना है
मेरा भारत सब दशों से महान है।
नहीं है ऐसा कोई अन्य देश,
युगों बीतने पर भी वैसा ही है परिवेश,
विभिन्नता में एकता के लिए, प्रसिद्ध है हर प्रदेश,
प्रेम, अहिंसा, भाईचारे का जो है देता संदेश।

मेरा यह मानना है
मेरा भारत सब देशों से महान है।
ऋषि-मुनियों की जो है तपोभूमि,
कई नदियों से भरी है ये पुण्य भूमि,
प्रकृति का है मस्त नजारा यहाँ,
छोड़ इसे जाए हम और अब कहाँ

मेरा यह मानना है
मेरा भारत सब देशों से महान है,
जाति, धर्म का है जहाँ अनूठा संगम,
देशभक्ति की लहर में, भूल जाते सब गम,
देश के लिए मर मिटने को सब है तैयार,
अरे दुनिया वालों, हम है बहुत होशियार,
न छेड़ो हमें, कासर नहीं है हम खबरदार,
अपनी माँ को बचाने, लेगें हम भी हथियार।

मेरा यह मानना है
मेरा भारत सब देशों से महान है
504 days ago
 
Gaurav
आया आया 15 अगस्त आया
हमने स्वतंत्रता दिवस मनाया
अपना राष्टीय झंडा लहराया
आजादी का नारा लगाया

झंडा हमारे देश की है शान
उस की रक्षा करना है हमारी आन
शांति सहयोग सम्पन्नता का देता सन्देश
सब इसे बनाकर रखे है उस का आदेश

वीरों ने अपनी जान गवाई
गुलामी से मुक्ति दिलाई
हम सब बच्चों ने शपथ खाई
कभी न करेंगे लड़ाई

यहाँ जाति, भाषा, धर्म है अनेक
फिर भी हम सब है एक
मिलकर करते दुश्मन का सामना
हमारी हिम्मत को मत ललकारना

लगता ऐसे जेसे आया हो त्यौहार
जीवन में छाई रहे बहार
सब एक दूसरे को खिलाते मिठाई
आओ गले मिलो हम सब भाई भाई।

हमारा बस एक ही धर्म
वन्दे मातरम ,वन्दे मातरम
वन्दे मातरम
504 days ago
 
Gaurav
स्वर्ग या आर्काडिया से बेहतर
मैं तुझे प्यार करता हूँ, हे भारत!
और तेरा प्यार मैं देना होगा
हर भाई राष्ट्र कि रहता है.
भगवान ने पृथ्वी बनाया;
आदमी सीमित देशों बनाया
और अपनी सीमाओं को फैंसी जमी
860 days ago
 
Gaurav
हमको प्यारा है भारत, हमारा वतन
सारी दुनियां का सबसे सुहाना चमन।
हम है पंछी, ये गुलषन यहॉ बैठ मन
चैन पाता, सजाता नये नित सपन ।।
इसकी माटी में खुषबू है, एक आब है
जैसा कष्मीर दो-आब, पंजाब है।
सारी धरती उगलती है सोना रतन
सब भरे खेत-खलिहान, मैदान वन।।
आदमी में मोहब्बल है, इन्साफ है
खुली बातें है, जजबा है, दिल साफ है।
मन हिमालय से ऊंचा, जो छूता गगन
चाहते दिल से सब अंजुमन में अमन।।
पंछियों की भले हों कई टोलियॉं
रूप रंग मिलते-जुलते है औं बोलियॉं
फितरतों में फरक फिर भी है एक मन
सबको प्यारा है खुद से भी ज्यादा चमन।।
क्यारियॉं भी यहॉं है कई रंग की
जिनमें किसमें है फूलों के हर रंग की
एकता ममता समता की ले पर चलन
सबमें बहता मलय का सुगंधित पवन।।
इसकी तहजीब का कोई सानी नहीं
जो पुरानी है फिर भी पुरानी नहीं
मुबारिक यहॉं का ईद-होली मिलन
इसकी शोभा यही है ये गंगोजमन।।
865 days ago
 
Gaurav
गली गली में बजते देखे आज़ादी के गीत रे |
जगह जगह झंडे फहराते यही पर्व की रीत रे ||
सभी मनाते पर्व देश का आज़ादी की वर्षगांठ है |
वक्त है बीता धीरे धीरे साल एक और साठ है ||
बहे पवन परचम फहराता याद जिलाता जीत रे |
गली गली में बजते देखे आज़ादी के गीत रे |
जगह जगह झंडे फहराते यही पर्व की रीत रे ||
जनता सोचे किंतु आज भी क्या वाकई आजाद हैं |
भूले मानस को दिलवाते नेता इसकी याद हैं ||
मंहगाई की मारी जनता भूल गई ये जीत रे |
गली गली में बजते देखे आज़ादी के गीत रे |
जगह जगह झंडे फहराते यही पर्व की रीत रे ||
हमने पाई थी आज़ादी लौट गए अँगरेज़ हैं |
किंतु पीडा बंटवारे की दिल में अब भी तेज़ है ||
भाई हमारा हुआ पड़ोसी भूले सारी प्रीत रे |
गली गली में बजते देखे आज़ादी के गीत रे |
जगह जगह झंडे फहराते यही पर्व की रीत रे ||
865 days ago
 
Gaurav
है भारत की शान तिरंगा,
इसको न झुकने देंगे हम,
वीरों की कुर्बानी को,
व्यर्थ न जाने देंगें हम.

भारत माँ के सेवक हैं हम,
माँ की रक्षा हम करेंगें,
बुरी नियत से जो देखेगा,
उसका खात्मा हम करेंगें.

दी शरण है हमने तब - तब,
जब कोई है संकट आया,
खुद भूखे रह कर भी हम ने,
शरणार्थी को खाना खिलाया.

जहां है बहती ज्ञान की धारा,
वो भारत हमें है जान से प्यारा,
सीता राम की धरती है जो,
ऐसा भारत देश हमारा.

न जाती न भाषा देखी,
सबको अपना मीत बनाया,
मिला जो भी हमें प्यार से,
सबको 'दीप' गले लगाया.
865 days ago
 
Gaurav
ये भारत देश महान है.
ये मेरा देश महान है.

इसके लहराते खेतों का,
अन्न हम सबने खाया है.
कल कल करती नदियों से,
शीतल जल हमने पाया है.

इसके उत्पादित से वस्त्र
अपना तन भी ढक पाया है.
इसकी पावन शालाओं में
ज्ञान सदा हमने पाया है.

इसके हर इक नर - नारी से
प्यार सभी ही पाते हैं.
इसकी प्यारी मिट्टी को हम
अपना शीश झुकाते हैं.

इस पावन भूमि में हमने,
अपना जीवन सफल बनाया है.
ये स्वर्ग से भी महान है,
ये मेरा देश महान है.
865 days ago
 
Gaurav
स्वतंत्रता जश्न मनाने के
एक के भारत की
यह रंग डाल
एक गर्व का रास्ता

हम बहुत भाग्यशाली हैं
इस जगह में रहते हैं
तो यह सही सेवा
और नहीं तो बस आज

यह भारत है
भारत के एक के
गर्व के साथ जश्न मनाने
यह जन्मदिन पर
865 days ago